Important Questions for exam class 8th science
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1) फसल उत्पादन एवं प्रबंध
1. फसल (Crop)
परिभाषा:
जब किसान एक ही प्रकार के पौधों को बड़े पैमाने पर खेत में उगाते हैं, तो उसे फसल कहते हैं।
उदाहरण:
गेहूँ, चावल, मक्का
2. खरीफ फसल (Kharif Crop)
परिभाषा:
वे फसलें जो बरसात के मौसम में बोई जाती हैं और अक्टूबर के आसपास काटी जाती हैं, खरीफ फसल कहलाती हैं।
बोने का समय: जून–जुलाई
काटने का समय: सितंबर–अक्टूबर
उदाहरण:
धान (चावल), मक्का, कपास
3. रबी फसल (Rabi Crop)
परिभाषा:
वे फसलें जो सर्दी के मौसम में बोई जाती हैं और गर्मी की शुरुआत में काटी जाती हैं, रबी फसल कहलाती हैं।
बोने का समय: अक्टूबर–नवंबर
काटने का समय: मार्च–अप्रैल
उदाहरण:
गेहूँ, चना, सरसों
4. जायद फसल (Zaid Crop)
परिभाषा:
वे फसलें जो रबी और खरीफ के बीच के समय (गर्मी के मौसम) में उगाई जाती हैं, जायद फसल कहलाती हैं।
बोने का समय: मार्च–अप्रैल
काटने का समय: जून
उदाहरण:
तरबूज, खरबूजा, खीरा
5. खाद (Manure)
परिभाषा:
खाद वह प्राकृतिक पदार्थ है जो पौधों या जानवरों के अपशिष्ट से बनता है और मिट्टी की उर्वरता बढ़ाता है।
उदाहरण:
गोबर की खाद
कम्पोस्ट खाद
हरी खाद
लाभ:
मिट्टी को भुरभुरा बनाती है
मिट्टी में जलधारण क्षमता बढ़ाती है
पर्यावरण के लिए सुरक्षित होती है
6. उर्वरक (Fertilizer)
परिभाषा:
उर्वरक वे रासायनिक पदार्थ होते हैं जो पौधों को विशेष पोषक तत्व जल्दी उपलब्ध कराते हैं।
उदाहरण:
यूरिया
डीएपी (DAP)
पोटाश
लाभ:
फसल की वृद्धि तेज़ करते हैं
कम समय में अधिक उपज देते हैं
7. Threshing
परिभाषा:
Threshing वह प्रक्रिया है जिसमें कटाई के बाद फसल से अनाज के दानों को भूसे या डंठल से अलग किया जाता है।
उदाहरण:
गेहूँ की फसल को पीटकर या मशीन से दाने अलग करना।
थ्रेशर मशीन का उपयोग करके मड़ाई करना।
तरीके:
हाथ से पीटना
बैलों से रौंदवाना
थ्रेशर मशीन
2) सूक्ष्मजीव: मित्र एवं शत्रु
1. जीवाणु (Bacteria)
परिभाषा:
जीवाणु अत्यंत सूक्ष्म एककोशिकीय जीव होते हैं, जिन्हें सूक्ष्मदर्शी (microscope) से देखा जाता है।
उदाहरण:
दही जमाने वाले जीवाणु
कुछ जीवाणु रोग फैलाते हैं
2. कवक (Fungi)
परिभाषा:
कवक ऐसे जीव होते हैं जो सड़े-गले पदार्थों पर उगते हैं और अपना भोजन उनसे प्राप्त करते हैं।
उदाहरण:
मशरूम
ब्रेड पर उगने वाली फफूँद
3. प्रोटोज़ोआ (Protozoa)
परिभाषा:
प्रोटोज़ोआ एककोशिकीय जंतु होते हैं जो पानी या नम स्थानों में पाए जाते हैं।
उदाहरण:
अमीबा
पैरामीशियम
4. शैवाल (Algae)
परिभाषा:
शैवाल सरल पौधों जैसे जीव होते हैं जो पानी में उगते हैं और अपना भोजन स्वयं बनाते हैं।
उदाहरण:
स्पाइरोगाइरा
समुद्री घास
5. किण्वन (Fermentation)
परिभाषा:
किण्वन वह प्रक्रिया है जिसमें सूक्ष्मजीव (जैसे यीस्ट या जीवाणु) शर्करा को सरल पदार्थों में बदलते हैं और ऊर्जा/उपयोगी पदार्थ बनते हैं।
उदाहरण:
यीस्ट द्वारा ब्रेड का फूलना
दही का जमना
6. प्रतिजैविक (Antibiotic)
परिभाषा:
प्रतिजैविक वे दवाइयाँ होती हैं जो हानिकारक जीवाणुओं को मारती हैं या उनकी वृद्धि रोकती हैं।
उदाहरण:
पेनिसिलिन
स्ट्रेप्टोमाइसिन
ध्यान रखने वाली बात
प्रतिजैविक वायरस पर काम नहीं करतीं (जैसे सर्दी-जुकाम)।
7. राइजोबियम जीवाणु (Rhizobium Bacteria)
परिभाषा:
राइजोबियम ऐसे उपयोगी जीवाणु होते हैं जो दलहनी पौधों (जैसे मटर, चना) की जड़ों की गांठों में रहते हैं और वायुमंडलीय नाइट्रोजन को मिट्टी में स्थिर करते हैं।
उदाहरण:
मटर, चना, मूंग, अरहर की जड़ों में पाए जाते हैं।
लाभ:
मिट्टी की उर्वरता बढ़ाते हैं
पौधों को नाइट्रोजन प्रदान करते हैं
8. लैक्टोबैसिलस (Lactobacillus)
परिभाषा:
लैक्टोबैसिलस एक उपयोगी जीवाणु है जो दूध को दही में बदलने का काम करता है।
उदाहरण:
दही जमाने की प्रक्रिया
लाभ:
दही बनाने में उपयोग
पाचन के लिए लाभदायक
3) कोयला और पेट्रोलियम
1. अक्षय प्राकृतिक संसाधन (Renewable Natural Resources)
परिभाषा:
वे संसाधन जो प्रकृति द्वारा लगातार और जल्दी पुनः बनते हैं, उन्हें अक्षय प्राकृतिक संसाधन कहते हैं।
उदाहरण:
सूरज की रोशनी
हवा
जल (नदियाँ, वर्षा)
पेड़-पौधे
2. क्षय प्राकृतिक संसाधन (Non-Renewable Natural Resources)
परिभाषा:
वे संसाधन जो बहुत समय में बनते हैं या समाप्त हो जाने पर दुबारा नहीं बनते, उन्हें क्षय प्राकृतिक संसाधन कहते हैं।
उदाहरण:
कोयला
पेट्रोल, डीज़ल
प्राकृतिक गैस
खनिज
3. कोयला (Coal)
परिभाषा:
कोयला एक काला, ठोस, प्राकृतिक ईंधन है जो जमीन के नीचे वर्षों में पेड़-पौधों के अवशेषों से बनता है।
इसे ऊर्जा प्राप्त करने के लिए जलाया जाता है।
उदाहरण:
बिजली घरों में कोयला जलाकर बिजली बनाना।
4. कॉक (Coke)
परिभाषा:
कॉक को कोयले को गर्म करके हवा के बिना जलाने से बनाया जाता है।
यह उच्च तापमान पर जलने वाला ईंधन है, खासकर उद्योगों में।
उदाहरण:
इस्पात उद्योग में लोहा गलाने के लिए कॉक का उपयोग।
5. कोलतार (Coal Tar)
परिभाषा:
कोलतार को कोयले को गर्म करके तैयार किए गए तरल उत्पाद के रूप में प्राप्त किया जाता है।
इसे सड़कों के निर्माण और रासायनिक उद्योग में प्रयोग किया जाता है।
उदाहरण:
सड़कें बिछाने में कोलतार का इस्तेमाल।
औषधियों और रंग बनाने में।
6. कोयला गैस (Coal Gas)
परिभाषा:
कोयले को गर्म करके अधिक तापमान पर गैस निकालना कोयला गैस कहलाती है।
इसे ऊर्जा और रसोई गैस के रूप में प्रयोग किया जाता है।
उदाहरण:
कोयला गैस का प्रयोग रसोई और जलाने के लिए।
7. पेट्रोलियम (Petroleum / Crude Oil)
परिभाषा:
पेट्रोलियम एक काला, चिपचिपा तरल पदार्थ है जो जमीन के भीतर प्राकृतिक रूप से पाया जाता है।
इसे ईंधन और रसायन बनाने के लिए प्रयोग किया जाता है।
उदाहरण:
पेट्रोल, डीज़ल, केरोसिन
8. पेट्रोलियम का परिष्करण (Refining of Petroleum)
परिभाषा:
पेट्रोलियम से अलग-अलग उपयोगी पदार्थ निकालने की प्रक्रिया को पेट्रोलियम का परिष्करण कहते हैं।
इसमें पेट्रोलियम को गर्म करके पेट्रोल, डीज़ल, केरोसिन, लुब्रिकेंट आदि अलग किए जाते हैं।
उदाहरण:
रिफाइनरी में पेट्रोलियम को गर्म करके पेट्रोल और डीज़ल बनाया जाता है।
9. प्राकृतिक गैस (Natural Gas)
परिभाषा:
यह पेट्रोलियम और कोयले के साथ प्राकृतिक रूप से पाया जाने वाला गैसीय ईंधन है।
यह मुख्य रूप से मीथेन (CH₄) गैस होती है।
उदाहरण:
रसोई गैस (LPG से मिलाकर)
बिजली उत्पादन और उद्योगों में ईंधन
4) दहन एवं ज्वाला
1. दहन (Combustion)
परिभाषा:
जब कोई पदार्थ ऑक्सीजन की मौजूदगी में जलता है और ऊर्जा (ताप और प्रकाश) छोड़ता है, तो उसे दहन कहते हैं।
उदाहरण:
लकड़ी जलाना
गैस चूल्हे पर खाना बनाना
2. ज्वलन ताप (Ignition Temperature)
परिभाषा:
किसी पदार्थ को जलाने के लिए आवश्यक न्यूनतम तापमान को ज्वलन ताप कहते हैं।
उदाहरण:
कागज़ जलाने के लिए तापमान लगभग 233°C चाहिए।
3. ज्वलनशील पदार्थ (Flammable Substance)
परिभाषा:
वे पदार्थ जो आसानी से जल सकते हैं, उन्हें ज्वलनशील पदार्थ कहते हैं।
उदाहरण:
पेट्रोल, डीज़ल, एल्कोहल, लकड़ी
4. अग्निशामक (Fire Extinguisher)
परिभाषा:
अग्निशामक वह उपकरण है जो आग लगने पर उसे बुझाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
उदाहरण:
पानी की बाल्टी या अग्निशामक यंत्र (Fire extinguisher)
5. ईंधन (Fuel)
परिभाषा:
ईंधन वह पदार्थ है जो जलने पर ऊर्जा (ताप या प्रकाश) देता है।
उदाहरण:
लकड़ी, कोयला, पेट्रोल, एलपीजी
6. ईंधन दक्षता (Fuel Efficiency)
परिभाषा:
किसी ईंधन द्वारा उत्पन्न ऊर्जा की मात्रा और उसके उपयोग की क्षमता को ईंधन दक्षता कहते हैं।
उदाहरण:
एक ही मात्रा में कोयले की तुलना में एलपीजी ज्यादा ऊर्जा देती है → एलपीजी की दक्षता ज्यादा
7. ऊष्मा मान (Calorific Value / उष्मा क्षमता)
परिभाषा:
किसी ईंधन के पूर्ण जलने पर पैदा होने वाली ऊर्जा को उसकी ऊष्मा मान (Calorific Value) कहते हैं।
उदाहरण:
1 kg लकड़ी जलाने पर कितनी कैलोरी ऊर्जा मिलेगी
5) पौधे एवं जंतुओं का संरक्षण
1. वनोंमूलन (Deforestation)
परिभाषा:
जब किसी क्षेत्र से जंगल की पेड़-पौधों की कटाई की जाती है, तो उसे वनोंमूलन कहते हैं।
उदाहरण:
सड़क बनाने या खेती के लिए जंगल काटना
2. मरुस्थलीकरण (Desertification)
परिभाषा:
जब जमीन बंजर और रेगिस्तानी जैसी बन जाती है, तो उसे मरुस्थलीकरण कहते हैं।
उदाहरण:
अत्यधिक पेड़ काटना और पानी की कमी
3. वन्य जीव अभ्यारण (Wildlife Sanctuary)
परिभाषा:
ऐसा क्षेत्र जहाँ वन्य जीवों को प्राकृतिक आवास में सुरक्षित रखा जाता है, वन्य जीव अभ्यारण कहलाता है।
उदाहरण:
राष्ट्रीय उद्यानों से अलग, सिर्फ जानवरों की सुरक्षा के लिए क्षेत्र
4. राष्ट्रीय उद्यान (National Park)
परिभाषा:
ऐसा क्षेत्र जहाँ वनस्पति और जीव-जंतुओं की सुरक्षा और संरक्षण किया जाता है, राष्ट्रीय उद्यान कहलाता है।
उदाहरण:
जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क, रणथंभौर नेशनल पार्क
5. जैवमंडल संरक्षित क्षेत्र (Biosphere Reserve)
परिभाषा:
ऐसा क्षेत्र जिसमें प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र, वनस्पति और जीव-जंतु की पूरी रक्षा की जाती है।
उदाहरण:
नंदा देवी बायोस्फीयर रिज़र्व
6. पुनःवनरोपण (Reforestation)
परिभाषा:
जब कटे हुए जंगलों या नष्ट हुए क्षेत्रों में फिर से पेड़ लगाए जाते हैं, तो उसे पुनःवनरोपण कहते हैं।
उदाहरण:
वनोंमूलन के बाद नए पौधे लगाना
सरकारी योजनाओं के तहत जंगलों को फिर से हरा-भरा करना
6) जंतुओं में जनन
1. लैंगिक जनन (Sexual Reproduction)
परिभाषा:
जब दो माता-पिता की संतानों के लिए शुक्राणु और अंडाणु का मेल होता है, तो उसे लैंगिक जनन कहते हैं।
उदाहरण: मनुष्य, कुत्ता, बिल्ली आदि।
2. नर जननांग (Male Reproductive Organ)
परिभाषा:
पुरुष शरीर में वह अंग जो शुक्राणु का निर्माण और स्त्रियों तक पहुँचाने का काम करता है।
मुख्य अंग:
वृषण (Testes) → शुक्राणु बनता है
स्खलन नली (Sperm Duct) → शुक्राणु ले जाने का मार्ग
3. मादा जननांग (Female Reproductive Organ)
परिभाषा:
महिला शरीर में वह अंग जो अंडाणु बनाता है और भ्रूण का विकास करता है।
4. शुक्राणु और अंडाणु (Sperm & Ovum)
शुक्राणु (Sperm):
पुरुष जननांग में बनता है और अंडाणु को निषेचित करने का काम करता है।
अंडाणु (Ovum):
महिला जननांग में बनता है और शुक्राणु के मिलने पर भ्रूण का निर्माण करता है।
5. निषेचन (Fertilization)
परिभाषा:
जब शुक्राणु और अंडाणु मिलकर नया जीव (भ्रूण) बनाते हैं, उसे निषेचन कहते हैं।
उदाहरण:
मनुष्य में गर्भधारण का आरंभ।
6. युग्मनज (Zygote)
परिभाषा:
शुक्राणु और अंडाणु के मिलने के तुरंत बाद बनने वाला एक नया कोशिका युग्मनज कहलाती है।
यह आगे बढ़कर भ्रूण और फिर शिशु बनाता है।
7. आंतरिक निषेचन (Internal Fertilization)
परिभाषा:
जब शुक्राणु और अंडाणु शरीर के अंदर मिलते हैं, तो उसे आंतरिक निषेचन कहते हैं।
उदाहरण:
मनुष्य, कुत्ता, बिल्ली, पक्षी
8. बाह्य निषेचन (External Fertilization)
परिभाषा:
जब शुक्राणु और अंडाणु शरीर के बाहर मिलते हैं, तो उसे बाह्य निषेचन कहते हैं।
उदाहरण:
मछली, मेंढक
9. जरायुज (Ovoviviparous)
परिभाषा:
ऐसे जीव जिनके अंडे अंडाशय में रहते हैं और अंदर से बच्चे निकलते हैं, उन्हें जरायुज कहते हैं।
उदाहरण:
कुछ साँप और मगरमच्छ
10. अंडप्रजक (Oviparous)
परिभाषा:
ऐसे जीव जो अंडे देते हैं और उनमें से बच्चे निकलते हैं, उन्हें अंडप्रजक कहते हैं।
उदाहरण:
मुर्गा, मछली, मेंढक
11. अलैंगिक जनन (Asexual Reproduction)
परिभाषा:
जब किसी एक माता-पिता से बिना शुक्राणु और अंडाणु के संतान उत्पन्न होती है, तो उसे अलैंगिक जनन कहते हैं।
उदाहरण:
शैवाल, यीस्ट, हाइड्रा, पृथ्वी पर लगे पौधे की कलियाँ
मुख्य विशेषताएँ:
केवल एक माता-पिता
संतान माता-पिता जैसी होती है
तेज़ी से होती है
12. मुकुलन (Budding)
परिभाषा:
जब किसी जीव के शरीर की एक छोटी वृद्धि (बूंद) बनती है और वह अलग होकर नया जीव बनाता है, इसे मुकुलन कहते हैं।
उदाहरण:
हाइड्रा, यीस्ट
कैसे होता है:
शरीर पर एक अंग उभरता है → बड़ा होता है → अलग हो जाता है → नया जीव बनता है।
13. द्विक्खंडन (Binary Fission)
परिभाषा:
जब कोई एककोशिकीय जीव अपनी कोशिका को दो बराबर भागों में विभाजित करके नया जीव बनाता है, उसे द्विक्खंडन कहते हैं।
उदाहरण:
अमीबा, बैक्टीरिया
कैसे होता है:
जीव अपनी कोशिका को दो बराबर हिस्सों में बाँटता है → दोनों हिस्से नया जीव बन जाते हैं।
7) किशोरावस्था की ओर
1. किशोरावस्था (Adolescence)
परिभाषा:
बचपन और युवावस्था के बीच का समय, जिसमें शरीर, सोच और भावनाओं में बदलाव आते हैं, किशोरावस्था कहलाता है।
यह अवस्था सामान्यतः 11 से 19 वर्ष के बीच होती है।
2. यौवनारंभ में होने वाले परिवर्तन (Changes during Puberty)
परिभाषा:
यौवनारंभ के समय शरीर में होने वाले शारीरिक और मानसिक बदलाव यौवनारंभ के परिवर्तन कहलाते हैं।
मुख्य परिवर्तन (संक्षेप में):
कद का तेज़ी से बढ़ना
आवाज़ में बदलाव
शरीर पर बाल उगना
लड़कों और लड़कियों के शरीर में अलग-अलग बदलाव
3. एडम्स एप्पल (Adam’s Apple)
परिभाषा:
लड़कों की गर्दन में दिखाई देने वाला उभरा हुआ भाग एडम्स एप्पल कहलाता है।
यह आवाज़ के भारी होने से संबंधित होता है।
4. गौण लैंगिक लक्षण (Secondary Sexual Characteristics)
परिभाषा:
वे शारीरिक लक्षण जो यौवनारंभ के समय विकसित होते हैं और लड़कों व लड़कियों में अंतर दिखाते हैं, गौण लैंगिक लक्षण कहलाते हैं।
उदाहरण:
लड़कों में दाढ़ी–मूँछ आना
लड़कियों में आवाज़ का कोमल होना
दोनों में बगल और अन्य भागों में बाल आना
5. टेस्टोस्टेरोन (Testosterone)
परिभाषा:
यह एक पुरुष हार्मोन है, जो लड़कों में यौवनारंभ के समय होने वाले बदलावों के लिए जिम्मेदार होता है।
उदाहरण:
आवाज़ का भारी होना, मांसपेशियों का विकास।
6. एस्ट्रोजन (Estrogen)
परिभाषा:
यह एक स्त्री हार्मोन है, जो लड़कियों में यौवनारंभ के समय होने वाले बदलावों के लिए जिम्मेदार होता है।
उदाहरण:
शारीरिक विकास और परिपक्वता से जुड़े परिवर्तन।
7. ऋतुस्त्राव (Menstrual Flow)
परिभाषा:
लड़कियों में यौवनारंभ के बाद हर महीने गर्भाशय की परत (endometrium) का शरीर से बाहर निकलना ऋतुस्त्राव कहलाता है।
यह मासिक धर्म का हिस्सा है और सामान्यतः 3–7 दिन तक चलता है।
उदाहरण:
हर महीने लड़की को होने वाला रक्तस्राव।
8. रजोदर्शन (Menstruation)
परिभाषा:
महिलाओं में गर्भाशय से मासिक धर्म का नियमित रूप से निकलना रजोदर्शन कहलाता है।
यह गर्भाशय की परत के टूटकर बाहर आने की प्रक्रिया है।
उदाहरण:
लड़की का हर महीने मासिक धर्म आना।
9. रजोनिृत्ति (Menstrual Cycle)
परिभाषा:
ऋतुस्त्राव या मासिक धर्म के पहले दिन से अगले मासिक धर्म के पहले दिन तक का समय रजोनिवृत्ति कहलाता है।
आम तौर पर यह 28 दिन का होता है, लेकिन 21–35 दिन तक सामान्य माना जाता है।
उदाहरण:
यदि मासिक धर्म 1 जनवरी को शुरू हुआ और अगला 29 जनवरी को, तो यह रजोनिवृत्ति का एक चक्र है।
10. पियूष ग्रंथि (Pituitary Gland)
परिभाषा:
यह मस्तिष्क के नीचे स्थित एक अत्यंत महत्वपूर्ण हार्मोन ग्रंथि है।
यह शरीर के अन्य ग्रंथियों को नियंत्रित करने वाले हार्मोन का उत्पादन करती है।
उदाहरण:
यह लंबाई बढ़ने, प्रजनन और विकास में मदद करती है।
11. थायरॉइड ग्रंथि (Thyroid Gland)
परिभाषा:
यह गले में स्थित एक तितली आकार की ग्रंथि है।
यह ऊर्जा और शरीर के विकास के लिए हार्मोन बनाती है।
उदाहरण:
थायरॉइड के हार्मोन शरीर की गतिविधियों और ऊर्जा के स्तर को नियंत्रित करते हैं।
12. एड्रिनल ग्रंथि (Adrenal Gland)
परिभाषा:
यह गुर्दे के ऊपर स्थित एक छोटी ग्रंथि है।
यह शरीर को तनाव या आपात स्थिति में प्रतिक्रिया देने वाले हार्मोन बनाती है।
उदाहरण:
कूदने, भागने या डरने पर एड्रिनल हार्मोन काम आता है।
13. वृषण(Testes)
परिभाषा:
यह पुरुष प्रजनन अंगों में स्थित दो ग्रंथियाँ हैं।
यह पुरुष हार्मोन (टेस्टोस्टेरोन) और शुक्राणु का निर्माण करती हैं।
उदाहरण:
लड़कों में मांसपेशियों का विकास, आवाज़ का बदलना।
14. अंडाशय (Ovaries)
परिभाषा:
यह महिला प्रजनन अंगों में स्थित दो ग्रंथियाँ हैं।
यह महिला हार्मोन (एस्ट्रोजन) और अंडाणु बनाती हैं।
उदाहरण:
लड़कियों में मासिक धर्म और शरीर के विकास में मदद करना।
15. लिंग गुणसूत्र (Sex Chromosome)
परिभाषा:
लिंग गुणसूत्र वे विशेष गुणसूत्र होते हैं जो किसी जीव के लड़का या लड़की होने का निर्णय करते हैं।
मनुष्य में 2 लिंग गुणसूत्र होते हैं:
XY → पुरुष (Boy)
XX → महिला (Girl)
उदाहरण:
यदि शुक्राणु X गुणसूत्र लाए और अंडाणु X हो → लड़की जन्म लेगी।
यदि शुक्राणु Y गुणसूत्र लाए और अंडाणु X हो → लड़का जन्म लेगा।
16. इंसुलिन (Insulin)
परिभाषा:
इंसुलिन एक हार्मोन है जिसे अग्नास्य (पैंक्रियास) की बीटा कोशिकाएँ बनाती हैं।
यह रक्त में शर्करा (ब्लड शुगर) को नियंत्रित करने में मदद करता है।
उदाहरण:
खाना खाने के बाद ब्लड शुगर बढ़ता है → इंसुलिन उसे सामान्य स्तर पर लाता है।
इंसुलिन न बनने या काम न करने पर मधुमेह (Diabetes) हो सकता है।
8) बल तथा दाब
1. बल (Force)
परिभाषा:
धक्का या खींच, जो किसी वस्तु की गति, दिशा या आकार को बदल दे, बल कहलाता है।
उदाहरण:
दरवाज़ा खोलने के लिए धक्का देना।
2. अभिकर्षण (Attraction)
परिभाषा:
जब दो वस्तुएँ एक-दूसरे को अपनी ओर खींचती हैं, तो उसे अभिकर्षण कहते हैं।
उदाहरण:
चुंबक का लोहे को अपनी ओर खींचना।
3. अपकर्षण (Repulsion)
परिभाषा:
जब दो वस्तुएँ एक-दूसरे को दूर धकेलती हैं, तो उसे अपकर्षण कहते हैं।
उदाहरण:
दो समान ध्रुवों वाले चुंबकों का एक-दूसरे को धकेलना।
4. संपर्क बल (Contact Force)
परिभाषा:
वे बल जो वस्तुओं के संपर्क में आने पर ही कार्य करते हैं, संपर्क बल कहलाते हैं।
उदाहरण:
घर्षण, पेशीय बल।
5. पेशीय बल (Muscular Force)
परिभाषा:
मनुष्यों या जानवरों की मांसपेशियों द्वारा लगाया गया बल पेशीय बल कहलाता है।
उदाहरण:
बस्ता उठाना, साइकिल चलाना।
6. घर्षण (Friction)
परिभाषा:
दो सतहों के संपर्क में होने पर गति का विरोध करने वाला बल घर्षण कहलाता है।
उदाहरण:
चलती गेंद का रुक जाना।
7. असंपर्क बल (Non-contact Force)
परिभाषा:
वे बल जो बिना संपर्क में आए भी कार्य करते हैं, असंपर्क बल कहलाते हैं।
उदाहरण:
चुंबकीय बल, स्थिरवैद्युत बल, गुरुत्वाकर्षण बल।
8. चुंबकीय बल (Magnetic Force)
परिभाषा:
चुंबक द्वारा वस्तुओं पर लगाया गया आकर्षण या अपकर्षण का बल चुंबकीय बल कहलाता है।
उदाहरण:
चुंबक का लोहे को खींचना।
9. स्थिरवैद्युत बल (Electrostatic Force)
परिभाषा:
स्थिर विद्युत आवेशों के कारण लगने वाला बल स्थिरवैद्युत बल कहलाता है।
उदाहरण:
कंघी को बालों पर रगड़कर कागज़ के टुकड़े उठाना।
10. गुरुत्वाकर्षण बल (Gravitational Force)
परिभाषा:
पृथ्वी द्वारा वस्तुओं को अपनी ओर खींचने वाला बल गुरुत्वाकर्षण बल कहलाता है।
उदाहरण:
सेब का ज़मीन पर गिरना।
11. दाब (Pressure)
परिभाषा:
प्रति इकाई क्षेत्रफल पर लगाया गया बल दाब कहलाता है।
उदाहरण:
नुकीली चाकू से काटना आसान होना।
12. वायुमंडलीय दाब (Atmospheric Pressure)
परिभाषा:
वायुमंडल में उपस्थित हवा द्वारा वस्तुओं पर लगाया गया दाब वायुमंडलीय दाब कहलाता है।
उदाहरण:
हवा भरे गुब्बारे का गोल रहना।
9) घर्षण
1. घर्षण (Friction)
परिभाषा:
दो वस्तुओं की सतहों के आपस में संपर्क में आने पर, गति का विरोध करने वाला बल घर्षण कहलाता है।
उदाहरण:
फर्श पर किताब खिसकाने पर वह धीरे-धीरे रुक जाती है — यह घर्षण के कारण होता है।
2. स्थैतिक घर्षण (Static Friction)
परिभाषा:
जब कोई वस्तु स्थिर अवस्था में हो और उसे चलाने का प्रयास किया जाए, तो गति को रोकने वाला घर्षण स्थैतिक घर्षण कहलाता है।
उदाहरण:
भारी अलमारी को धक्का देने पर भी उसका न हिलना।
3. सर्पी घर्षण (Sliding Friction)
परिभाषा:
जब कोई वस्तु किसी सतह पर फिसलती है, तब जो घर्षण लगता है उसे सर्पी घर्षण कहते हैं।
उदाहरण:
फर्श पर रखी किताब को खिसकाना।
4. लोटनिक घर्षण (Rolling Friction)
परिभाषा:
जब कोई वस्तु लुढ़कती है, तब उत्पन्न होने वाला घर्षण लोटनिक घर्षण कहलाता है।
उदाहरण:
सड़क पर चलती साइकिल के पहिए।
👉 नोट: लोटनिक घर्षण सबसे कम होता है।
5. तरल घर्षण (Fluid Friction)
परिभाषा:
जब कोई वस्तु द्रव या गैस में गति करती है, तो जो घर्षण लगता है उसे तरल घर्षण कहते हैं।
उदाहरण:
पानी में तैरती नाव पर लगने वाला बल, हवा में उड़ता पतंग।
6. कर्षण (Drag)
परिभाषा:
तरल (हवा या पानी) द्वारा चलती वस्तु की गति के विपरीत दिशा में लगाया गया बल कर्षण कहलाता है।
उदाहरण:
तेज़ हवा में साइकिल चलाना मुश्किल होना।
10) ध्वनि
1. आयाम (Amplitude)
परिभाषा:
किसी दोलन या तरंग में माध्य स्थिति से कण का अधिकतम विस्थापन आयाम कहलाता है।
उदाहरण:
झूले को जितना ज़्यादा पीछे–आगे ले जाते हैं, उसका आयाम उतना अधिक होता है।
2. आवृत्ति (Frequency)
परिभाषा:
एक सेकंड में होने वाले कुल दोलनों की संख्या को आवृत्ति कहते हैं।
इकाई: हर्ट्ज़ (Hz)
उदाहरण:
यदि कोई पेंडुलम 1 सेकंड में 5 दोलन करता है, तो उसकी आवृत्ति 5 Hz होगी।
3. आवर्तकाल (Time Period)
परिभाषा:
एक पूर्ण दोलन को पूरा करने में लगने वाला समय आवर्तकाल कहलाता है।
इकाई: सेकंड (s)
उदाहरण:
यदि पेंडुलम को 1 दोलन पूरा करने में 0.2 सेकंड लगते हैं, तो उसका आवर्तकाल 0.2 s है।
4. डेसिबल (Decibel – dB)
परिभाषा:
डेसिबल ध्वनि की तीव्रता (loudness) मापने की इकाई है।
उदाहरण:
फुसफुसाहट ≈ 20 dB
सामान्य बातचीत ≈ 60 dB
बहुत तेज़ संगीत ≈ 100 dB
आसान शब्दों में:
आवाज़ धीमी है या तेज़, यह डेसिबल से पता चलता है।
5. हर्ट्ज़ (Hertz – Hz)
परिभाषा:
हर्ट्ज़ ध्वनि या तरंग की आवृत्ति (frequency) मापने की इकाई है।
उदाहरण:
यदि कोई ध्वनि तरंग 1 सेकंड में 200 दोलन करती है, तो उसकी आवृत्ति 200 Hz होगी।
आसान शब्दों में:
आवाज़ पतली है या भारी, यह हर्ट्ज़ से पता चलता है।
याद रखने की ट्रिक:
Decibel → आवाज़ कितनी तेज़
Hertz → आवाज़ कितनी पतली/भारी
6. तारत्व (Pitch) और आवृत्ति
संबंध:
👉 तारत्व सीधे तौर पर आवृत्ति पर निर्भर करता है।
अधिक आवृत्ति → अधिक तारत्व (पतली/तीखी आवाज़)
कम आवृत्ति → कम तारत्व (भारी आवाज़)
उदाहरण:
मच्छर की आवाज़ की आवृत्ति अधिक होती है, इसलिए उसका तारत्व अधिक होता है।
शेर की दहाड़ की आवृत्ति कम होती है, इसलिए उसका तारत्व कम होता है।
7. प्रबलता (Loudness) और आयाम
संबंध:
👉 प्रबलता आयाम पर निर्भर करती है।
अधिक आयाम → अधिक प्रबलता (तेज़ आवाज़)
कम आयाम → कम प्रबलता (धीमी आवाज़)
उदाहरण:
धीरे बोलने पर ध्वनि तरंग का आयाम कम होता है, इसलिए आवाज़ धीमी लगती है।
ज़ोर से बोलने पर आयाम अधिक होता है, इसलिए आवाज़ तेज़ लगती है।
11) विद्युत धारा के रासायनिक प्रभाव
1. विद्युतलेपन (Electroplating)
परिभाषा:
विद्युतलेपन वह प्रक्रिया है जिसमें विद्युत धारा की सहायता से किसी धातु की पतली परत दूसरी धातु की सतह पर चढ़ाई जाती है।
उदाहरण:
लोहे के बर्तन पर क्रोमियम की परत चढ़ाना। इससे बर्तन चमकदार, जंग-रहित और टिकाऊ हो जाता है।
नकली गहनों पर सोने या चाँदी की पतली परत चढ़ाना, ताकि वे असली जैसे दिखें।
2. LED = Light Emitting Diode
LED (एल-ई-डी) क्या है?
LED एक ऐसा इलेक्ट्रॉनिक उपकरण है जो बिजली प्रवाहित होने पर प्रकाश उत्पन्न करता है।
3. सुचालक :
वे पदार्थ जिनसे विद्युत धारा आसानी से प्रवाहित हो जाती है, उन्हें सुचालक कहते हैं।
उदाहरण:
ताँबा, एल्यूमिनियम, लोहा, चाँदी
4. हीन चालक :
वे पदार्थ जिनसे विद्युत धारा बहुत कम या बिल्कुल नहीं प्रवाहित होती, उन्हें हीन चालक कहते हैं।
उदाहरण:
प्लास्टिक, लकड़ी, रबर, काँच
5.इलेक्ट्रोड :
इलेक्ट्रोड वह धातु की छड़ या प्लेट होती है, जिसके माध्यम से विद्युत धारा किसी विलयन (घोल) में प्रवेश करती है या बाहर निकलती है।
उदाहरण:
ताँबे की छड़, कार्बन की छड़, जिंक की छड़
12) प्रकाश
1. परावर्तन के नियम (Laws of Reflection)
परावर्तन क्या है?
जब प्रकाश किसी सतह (जैसे दर्पण) से टकराकर वापस लौटता है, तो उसे परावर्तन कहते हैं।
परावर्तन के दो नियम:
1. पहला नियम
आपतित किरण, परावर्तित किरण और अभिलम्ब (जिस रेखा को सतह पर लंब खींचते हैं)
तीनों एक ही तल में होते हैं।
2. दूसरा नियम
आपतन कोण = परावर्तन कोण
अर्थात
∠i=∠r
2. नेत्रों की देखभाल के उपाय:
1. पर्याप्त रोशनी में पढ़ें
बहुत तेज़ या बहुत कम रोशनी में पढ़ने से आँखों पर ज़ोर पड़ता है।
2. टीवी और मोबाइल से दूरी रखें
बहुत देर तक स्क्रीन देखने से आँखें थक जाती हैं।
3. आँखों को साफ रखें
गंदे हाथों से आँखें न रगड़ें।
4. पौष्टिक भोजन लें
विटामिन A युक्त भोजन आँखों के लिए अच्छा होता है।
o गाजर, हरी सब्ज़ियाँ, दूध, आम
5. नियमित आँखों की जाँच कराएँ
यदि धुंधला दिखे या सिरदर्द हो, तो डॉक्टर को दिखाएँ।
6. तेज़ धूप से आँखों की रक्षा करें
तेज़ धूप में धूप का चश्मा पहनें।
7. आँखों को आराम दें
पढ़ाई या मोबाइल के बाद थोड़ी देर आँखें बंद करके आराम करें।
3. मानव नेत्र की संरचना (Structure of Human Eye)
मुख्य भाग और उनकी कार्यप्रणाली:
1. पुतली (Pupil)
· आँख का काला हिस्सा
· प्रकाश की मात्रा नियंत्रित करती है (जितनी रोशनी ज़रूरी, उतनी अंदर जाने देती है)
2. आईरिस (Iris)
· पुतली के चारों ओर रंगीन हिस्सा
· पुतली के आकार को बदलकर प्रकाश की मात्रा नियंत्रित करता है
3. कॉर्निया (Cornea)
· आँख की सपाट, पारदर्शी बाहरी परत
· प्रकाश को आँख में प्रवेश कराता है और मोड़ता है (refract)
4. लेंस (Lens / crystalline lens)
· पारदर्शी, द्विपार्श्वीय (bi-convex) संरचना
· प्रकाश किरणों को फोकस कर रेटिना पर चित्र बनाता है
5. रेटिना (Retina)
· आँख की भीतरी परत
· रौशनी को स्नायु संकेत (nerve signals) में बदलता है
· इसमें रोड्स और कोन्स नामक कोशिकाएँ होती हैं जो प्रकाश और रंग पहचानती हैं
6. ऑप्टिक नर्व (Optic Nerve)
· रेटिना से मस्तिष्क तक दृष्टि के संकेत पहुँचाता है
7. स्लिज़री (Sclera / सफेद हिस्सा)
· आँख का मजबूत बाहरी हिस्सा
· नेत्र की सुरक्षा करता है
8. विट्रियस बॉडी (Vitreous Body)
· आँख के अंदर जेल जैसी द्रव परत
· आँख को आकार और संरचना बनाए रखने में मदद करती है
4. ब्रेल पद्धति (Braille System)
परिभाषा:
ब्रेल पद्धति दृष्टिहीन (अंधे) व्यक्तियों के लिए लिखने और पढ़ने की प्रणाली है। इसमें उभरें हुए बिंदुओं (dots) का उपयोग किया जाता है।
मुख्य विशेषताएँ:
1. 6-बिंदु वाला (Cell)
o हर अक्षर या संख्या के लिए 2 कॉलम × 3 पंक्तियों में बिंदु बनते हैं।
o अलग-अलग संयोजन अक्षर या संख्या दिखाते हैं।
2. स्पर्श के माध्यम से पढ़ना
o व्यक्ति उंगलियों से बिंदुओं को छूकर शब्द और वाक्य पहचानता है।
3. लिखने का तरीका
o ब्रेल मशीन (Braille Typewriter / Slate & Stylus) से बिंदु उभारे जाते हैं।
